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ठंड से पहले करें ये 5 काम... बेजान ड्रैगन फ्रूट के पौधे में आ जाएगी जान! पड़ोसी भी पूछेंगे राज
Oct 20, 2025

ठंड से पहले करें ये 5 काम... बेजान ड्रैगन फ्रूट के पौधे में आ जाएगी जान! पड़ोसी भी पूछेंगे राज

Dragon Fruit Farming Tips : ड्रैगन फ्रूट का पौधा गर्मी के मौसम में तो तेजी से बढ़ता है, लेकिन ठंड पड़ते ही इसकी ग्रोथ रुक जाती है और पौधा बेजान लगने लगता है. अगर आप चाहते हैं कि सर्दी में भी आपका ड्रैगन फ्रूट पौधा हरा-भरा और फलदार बना रहे, तो ठंड शुरू होने से पहले ये 5 जरूरी काम जरूर करें. किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यान की खेती भी कर रहे हैं. पिछले कुछ समय से देखा गया है कि किसानों का रुझान ड्रैगन फ्रूट की बागवानी की ओर बढ़ रहा है. ड्रैगन फ्रूट एक ऐसी फसल है जो एक बार लगाने के बाद किसानों को 30 से 35 साल तक उत्पादन देती है. किसान अगर सही समय पर सही देखभाल करते रहे तो ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों को अच्छी कमाई होती है. ड्रैगन फ्रूट में फंगस एक बड़ी समस्या रहती है. ऐसे में जरूरी है कि किसान ठंड की शुरुआत से पहले ड्रैगन फ्रूट की फसल की अच्छी तरह से देखभाल करें. जिला उद्यान अधिकारी डॉ पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि जिन किसानों ने जून और जुलाई में ड्रैगन फ्रूट की नई रोपाई की है, उनको अब सर्दियों की शुरुआत से पहले ड्रैगन फ्रूट की अच्छी तरह से देखभाल कर लेनी चाहिए. अगर आपके खेत में बरसात के मौसम में पानी रुकता है तो अब फंगस को लेकर विशेष तौर पर ध्यान रखने की जरूरत है. फंगस की वजह से ड्रैगन फ्रूट के पौधों को भारी नुकसान पहुंचता है.

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लकड़ी की यह वैरायटी बनी किसानों का 'ATM', सिर्फ 5 साल में बदल जाएगी किस्मत, एक्सपर्ट से जानें तरीका
Oct 20, 2025

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Teak Tree Farming: मध्यप्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में सागवान की नई किस्म तेजी से लोकप्रिय हो रही है. यह पौधा सिर्फ 5-6 साल में लकड़ी कटाई के लिए तैयार हो जाता है और एक एकड़ से लाखों रुपए की कमाई संभव है. Agriculure Tips: भारत में खेती को अब सिर्फ अन्न उत्पादन का जरिया नहीं, बल्कि बेहतर कमाई का माध्यम भी माना जा रहा है. किसानों के बीच अब नई सोच उभर रही है-“कम मेहनत, ज्यादा मुनाफा.” पारंपरिक फसलों जैसे गेहूं, मक्का और सोयाबीन से अब किसानों को पहले जितना मुनाफा नहीं मिल रहा. ऐसे में कई किसान अब उन विकल्पों की तलाश में हैं, जो उन्हें कम समय में बड़ा रिटर्न दें. इसी दिशा में सागवान की एक नई किस्म किसानों के लिए “हरित एटीएम” बनकर उभरी है. मध्यप्रदेश के निमाड़ क्षेत्र, खासकर खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर और हरदा जिलों में इस सागवान की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है. किसान पुत्र और प्रकृति प्रेमी बी.डी. सनखेरे बताते हैं कि यह पौधा एक बार लगाने के बाद वर्षों तक आमदनी का जरिया बन जाता है. उन्होंने बताया कि सागवान की यह उन्नत प्रजाति सिर्फ 5 से 6 साल में तैयार हो जाती है और एक पेड़ से करीब 15 से 25 हजार रुपए तक की कमाई हो सकती है. सागवान की लकड़ी विश्व बाजार में अपनी मजबूती और टिकाऊपन के लिए मशहूर है. इसका उपयोग फर्नीचर, दरवाजे, खिड़कियां और उच्च गुणवत्ता के घरेलू सजावटी सामानों में किया जाता है. यही कारण है कि बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है. सागवान की इस नई किस्म की खासियत यह है कि यह जल्दी बढ़ती है, कम पानी में भी पनप जाती है और कीटों से सुरक्षित रहती है.

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Dhaniya Farming Tips: कम लागत मुनाफा ज्यादा वाली खेती कर रहे सागर के किसान, सरकार भी दे रही 14,000 अनुदान
Oct 20, 2025

Dhaniya Farming Tips: कम लागत मुनाफा ज्यादा वाली खेती कर रहे सागर के किसान, सरकार भी दे रही 14,000 अनुदान

अनुज गौतम, सागर: किसी भी रेसिपी में अगर थोड़ी सी धनिया पत्ती डाल दी जाए, तो उसका रंग-रूप और स्वाद दोनों निखर जाते हैं. ठीक वैसे ही, सर्दी के मौसम में धनिया की खेती किसानों के लिए दोहरा फायदा साबित हो सकती है. एक तरफ बीज उत्पादन से अधिक मुनाफा मिलता है, तो दूसरी ओर मेहनत और लागत दोनों ही कम लगती हैं. इस बार सागर जिले में धनिया की खेती को लेकर सरकार ने खास पहल की है. 500 एकड़ भूमि पर धनिया की खेती का लक्ष्य तय किया गया है. किसानों को इस योजना के तहत ₹10,000 से ₹14,000 तक का अनुदान दिया जा रहा है. इच्छुक किसानों को इसके लिए MPFST पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. सागर के हॉर्टिकल्चर डिप्टी डायरेक्टर डॉ. पी.एस. बडोले ने बताया कि किसानों को पहले पोर्टल पर पंजीयन कर योजना का चयन करना होगा. इसके बाद लॉटरी सिस्टम से चयनित किसानों को अनुदान का लाभ मिलेगा. उन्हें 25 किलो बीज प्रति हेक्टेयर सरकारी दर पर उपलब्ध कराया जाएगा. सामान्य वर्ग के किसानों को ₹10,000 और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के किसानों को ₹14,000 तक की राशि दी जाएगी.

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